Traffic: Complaint and anguish
अ. मुझे
शिकायत है उन दुपहिया चालकों से जो दिन में मुड़ने के लिए हाथ के बजाय
इंडिकेटर का इस्तेमाल करते हैं. किन्तु पीड़ा होती है जब वे मुड़ने के लिए न
हाथ, न इंडिकेटर बल्कि केवल गर्दन का
इस्तेमाल करते हैं.
ब. मुझे
शिकायत है उन कार चालकों से जो
किसी के घर के दरवाजे के ठीक सामने कार खड़ी कर देते हैं. किन्तु
पीड़ा होती है जब घर के मालिक अपनी चाहरदीवारी से सटकर (कुछ क्षण) भी कार खड़ी
नहीं करने देते.
स. मुझे
शिकायत है उन वाहन चालकों से जिनका बांया या दांया इंडिकेटर बहुत देर
तक चलता रहता है. किन्तु पीड़ा होती है जब वे अचानक विपरीत दिशा
में मुड़ जाते हैं.
द. मुझे
शिकायत है उन वाहन चालकों से जो अपनी लेन में नहीं
चलते हैं. किन्तु पीड़ा होती है जब वे सिग्नल शुरू होने पर
अपनी लेन बदलकर ट्रैफिक को बाधित करते हैं.
इ. मुझे
शिकायत है उन वाहन चालकों से जो बिना वज़ह बार बार
ब्रेक लगाते हैं. किन्तु पीड़ा होती है जब वे इसके साथ ही हॉर्न भी
लगातार बजाते रहते हैं.
I earnestly request all the concerned to be safe and keep others safe.

i hope smart city project will take care of indore's traffic problems
ReplyDeleteI have complaint with those drivers who overtake from the wrong side.
ReplyDeleteI hope people think about.
ReplyDeleteRoot of violation of rules lies in incompetent traffic authorities and fault road planning. People are careless everywhere.
ReplyDeleteAlmost all Indians have these complaints
ReplyDeleteI agree... Very common traffic observations 😂😂
ReplyDelete😊
Delete